नई दिल्ली | 4 जनवरी, 2026: भारत अब केवल तकनीक का इस्तेमाल करने वाला देश नहीं, बल्कि तकनीक बनाने वाला देश बन चुका है। नई दिल्ली के ‘भारत मंडपम’ में आयोजित होने जा रहा ‘India AI Impact Summit 2026’ इस बात का सबसे बड़ा सबूत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस भव्य सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे, जहाँ दुनिया के सबसे बड़े टेक दिग्गज एक मंच पर नजर आएंगे।
1. दिग्गजों का जमावड़ा: दिल्ली पहुंचेंगे ग्लोबल टेक लीडर्स
इस समिट में दुनिया की सबसे बड़ी AI कंपनियों के मुखिया हिस्सा ले रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, सम्मेलन में ये नाम शामिल हो सकते हैं:
- Sam Altman (OpenAI CEO): ChatGPT बनाने वाली कंपनी के प्रमुख भारत में AI की भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे।
- Jensen Huang (Nvidia CEO): AI चिप्स बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी के मालिक भारत में मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने पर बात कर सकते हैं।
- Sundar Pichai (Google CEO): गूगल के प्रमुख भारत के डिजिटल ट्रांजिशन और AI के सामाजिक प्रभाव पर अपनी राय रखेंगे।
2. ‘Sovereign AI’: भारत का अपना स्वदेशी AI मॉडल
इस समिट का सबसे मुख्य एजेंडा है ‘Sovereign AI’ (संप्रभु एआई)।
- मकसद: भारत अब विदेशी AI मॉडल्स (जैसे ChatGPT या Gemini) पर निर्भर नहीं रहना चाहता। सरकार का लक्ष्य है कि भारत का अपना ‘स्वदेशी AI मॉडल’ हो, जो भारतीय भाषाओं, संस्कृति और डेटा को बेहतर तरीके से समझ सके।
- डेटा सुरक्षा: स्वदेशी AI होने से भारतीयों का डेटा देश के भीतर ही सुरक्षित रहेगा और इसका इस्तेमाल कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए किया जाएगा।
3. ‘India AI Mission’ के तहत बड़ा निवेश
प्रधानमंत्री मोदी इस मौके पर ₹10,000 करोड़ से अधिक के नए निवेश की घोषणा कर सकते हैं। इसका इस्तेमाल देश भर में AI सुपरकंप्यूटर्स बनाने और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा।
समिट की मुख्य विशेषताएं (Key Highlights):
निष्कर्ष (Final Verdict):
‘India AI Impact Summit 2026’ केवल एक मीटिंग नहीं, बल्कि भारत की नई तकनीकी शक्ति का शंखनाद है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समिट के बाद भारत के आईटी सेक्टर में लाखों नई नौकरियों के अवसर पैदा होंगे और भारत AI के मामले में अमेरिका और चीन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होगा।

