सिडनी, ऑस्ट्रेलिया | 4 जनवरी, 2026: एशेज सीरीज के रोमांचक चौथे टेस्ट मैच में आज सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) पर इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों की धारदार गेंदबाजी और स्पिनर्स के दबाव के बावजूद, युवा इंग्लिश बल्लेबाज हैरी ब्रूक (Harry Brook) ने जबरदस्त धैर्य और जुझारूपन दिखाते हुए अपनी टीम की पारी को संभाला।
1. ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का शुरुआती दबदबा
मैच के पहले सत्र में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया और उनके गेंदबाजों ने इस फैसले को सही साबित कर दिया। शुरुआत में ही इंग्लैंड ने अपने तीन महत्वपूर्ण विकेट गँवा दिए। कप्तान बेन स्टोक्स और जो रूट जैसे अनुभवी बल्लेबाज भी ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण के सामने ज्यादा देर नहीं टिक पाए।
2. ब्रूक ने दिखाई मानसिक मजबूती
ऐसे मुश्किल हालात में जब इंग्लैंड की पारी लड़खड़ा रही थी, 25 वर्षीय हैरी ब्रूक ने क्रीज पर कदम रखा। उन्होंने आते ही आक्रामक शॉट्स लगाने की बजाय, धैर्य से बल्लेबाजी करने का फैसला किया। ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क और स्कॉट बोलैंड ने कई बाउंसर और यॉर्कर फेंकी, लेकिन ब्रूक ने हर गेंद को आत्मविश्वास के साथ खेला।
- धीरे-धीरे जमे, फिर खोले हाथ: ब्रूक ने पहले 50 गेंदों पर सिर्फ 15 रन बनाए, लेकिन जैसे-जैसे वह पिच पर सेट होते गए, उनके बल्ले से रन भी निकलने लगे। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर नाथन लियोन के खिलाफ कुछ बेहतरीन स्वीप शॉट्स खेले और अपने अंदाज में रन बटोरे।
3. महत्वपूर्ण साझेदारी और अर्धशतक
ब्रूक ने निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ मिलकर कुछ छोटी लेकिन महत्वपूर्ण साझेदारियां कीं। उन्होंने खासकर विकेटकीपर-बल्लेबाज बेन फॉक्स के साथ मिलकर इंग्लैंड को एक सम्मानजनक स्कोर की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभाई। इस दौरान ब्रूक ने अपना शानदार अर्धशतक (Half-Century) भी पूरा किया, जो उनकी मानसिक दृढ़ता का प्रमाण था।

